पिता की तस्वीर
पिता को समर्पित कविताओं का संकलन

 

बाबुल बिटको

यौवन देहरी सपन सलौने
छूटी गुडिया और खिलौने

नील गगन ऊँची उड़ाने
अपने सारे लगें बेगाने

मन पहेली उमंग नवेली
संग सहेली नई अठखेली

चूडी कंगना बिंदिया गहना
मन लुभाये दर्पण भाये

डोली कहार छूटा घरद्वार
बाबुल मैया बहना भैया

भीगे नैना अश्रु विदाई
बाबुल देहरी लाँघी आई

हाथों मेंहदी पावों ललताई
अंगुठी बिछुए पैंजन छनकाई

मैका सूना ससुराल बधाई
बाबुल बिटको हुई पराई

मोहिन्दर कुमार
९ जून २००८


इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। काव्य चर्चा। काव्य संगम। किशोर कोना। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। रचनाएँ भेजें
नई हवा। पाठकनामा। पुराने अंक। संकलन। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर। समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter