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     रख पतंग-सा हौसला

 
मन पतंग ऐसे उड़े, छू ले जग आकाश
नवल वर्ष पर लक्ष्य भी, चमके आस प्रकाश

है पतंग नभ चूमने, जाती बादल पार
करें भक्ति ऐसे सभी, हो ईश्वर से प्यार

भेदभाव के बिन उड़े, छोटी-बड़ी पतंग
समता का यह पाठ है, रहें सभी जन संग

लगती तितली की तरह, नाजुक सभी पतंग
सरसर कर नभ पे उड़े, सदा हवा के संग

रख पतंग-सा हौंसला, नापो नभ विस्तार
धैर्य लगन श्रम से पहन, सफलताओं का हार

- डॉ मंजु गुप्ता
१ जनवरी २०२३

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