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         नये साल में

 
रंज़ ओ ग़म भूल जाओ नये साल में
खूब ख़ुशियाँ मनाओ नये साल में

जो भी अच्छा-बुरा हो गया, छोड़ दो
कुछ नया कर दिखाओ नये साल में

ऐसा करने से कुछ भी मिलेगा नहीं
ग़लतियाँ मत गिनाओ नये साल में

धर्म के नाम पर अब सियासत न हो
ऐसा कानून लाओ नये साल में

बस वही तुच्छ बातें वही धुर विरोध
कुछ तो लेवल बढ़ाओ नये साल में

जो ख़ुदा ने दिया ख़ैरमकदम करो
लार यों मत गिराओ नये साल में

हाथ तुमने मिलाया था पिछले बरस
दिल से दिल भी मिलाओ नये साल में

- मंजुल मंज़र
१ जनवरी २०२२

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