अभिनंदन शत बार

 

 

 

थाली में नववर्ष की
रख कर समय उपहार
स्वागत प्रिय नवागत का
अभिनंदन शत बार

विपद पलों को मिले गति
सुख आये तो रहे यति
जीवन में बढ़ता रहे
आशा का संचार
अभिनंदन शत बार

समय पिटारी से उचके
पल पल ऊषा सा दमके
गहरे उथले घाव का
समय बने उपचार
अभिनंदन शत बार

कर सिंगार वह निराकार
अति सक्षम है सूत्रधार
संग समय चला तो फिर
हो जीवन उजियार
अभिनंदन शत बार

- ओम प्रकाश नौटियाल 
१ जनवरी २०१९

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