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 नये साल में
 
 
नये साल में नए नए कुछ फंडे लाऊँगा
सच्ची कह्ता हूँ उनको इस बार निभाऊँगा

जल्दी सोना जल्दी उठना
सोने से पहले ब्रश करना
दूध दो दफे पीना दिन में
मम्मी की बातें सब सुनना

पिछले साल यही बोला था लेकिन भूल गया
इस ईयर पक्का ऐसा बनकर दिखलाऊँगा

अब से झगड़ा नहीं करूँगा
टॉफी भी कुछ कम खाऊँगा
होम वर्क कर लूँगा झटपट
बिना रोये स्कूल जाऊँगा

सदा सत्य बोलना अच्छा मालुम है मुझको
अबसे सिर्फ एक ही झूठी बात बनाऊँगा

नया साल सच मुझे सुहाये
ये फिर मेरा बड्डे लाये
गिफ्ट टॉफियाँ मस्ती पार्टी
राजा फिर से मुझे बनाये

उस दिन सब पर मेरी ही मनमर्ज़ी चलती है
पूरा साल सुनूँगा फिर अपनी मनवाऊँगा

- निशा कोठारी  
१ जनवरी २०१८

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