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ओ ! आने वाले नववर्ष
 
 
घर में फिर अच्छे दिन लाना
ओ ! आने वाले नववर्ष.

यहाँ कहकहे जेठ भर रहे
उन पर थोड़ी ओस छिड़कना
सूर ,कबीरा ,तुलसी वाला
सम्वेदन आंगन में भरना

छद्म बदलकर छन्द बांधना
ओ ! आने वाले नववर्ष

जरा शिफारिश करना रवि से
कुछ काले कोटर बाकी हैं
प्रलय मंत्र से आहत होते
कुछ बूढ़े काका काकी हैं

उनकेमन को भी सहलाना
ओ ! आने वाले नववर्ष

सुनो, पड़ोसी की आदत से
अपना कुल वसन्त उलझा है
रंगबिरंगा मौसम बेहद
आतंकित है बुझा बुझा है

उसे शांति का पाठ पढ़ाना
ओ ! आने वाले नववर्ष
सदाचार की राह दिखाना
ओ ! आने वाले नववर्ष .

- निर्मल शुक्ल    
१ जनवरी २०१८

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