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यशोदा मैया का कृष्ण
     

 





 

 


 




 

यशोदा मैया ने कृष्ण को न जाया है
मगर कन्हैया पर स्नेह सब लुटाया है

लिया है भगवन ने जन्म तभी धरती पर
जो कंस जैसों ने पाप को बढाया है

लो पूतना आयी कंस के इशारे पर
गंवाया प्राणों को दूध जो पिलाया है

घमंड तोडा है इन्द्र का कन्हैया ने
उठा गोबर्धन जब उंगली पे दिखाया है

जो लाँघ बैठा शिशुपाल अपनी सीमा को
तभी सुदर्शन को कृष्ण ने घुमाया है

विजय सुनिश्चित होनी ही है सदा उनकी
जिन्होंने भगवन को सारथी बनाया है

हमें तो भाती हैं हर अदाएँ मोहन की
वो जिनकी गीता का ज्ञान जगमगाया है

-- राणा प्रताप सिंह
३० अगस्त २०१०

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