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मन हो जाये चंगा
(क्षणिकाएँ)
     

 





 

 


 




 


१
श्री कृष्ण
नाम है
आनंद की अनुभूति का,
प्रेम के प्रतीक का ,
ज्ञान के सागर का
और जीवन की
पूर्णता का।

२
श्री कृष्ण ने
गीता में दिया है
नीति नियमों का ज्ञान ,
जीवन को जीने का सार
पर इस युग में
तो मानव ने
राहों में रोप दिए हैं
क्षुद्रता के
कँटीले तार।

३
मोहन ने
शंख बजाकर
उद्घोष किया था
करो दुष्टों का नाश।
आज कलयुग में
अधमता के
काले बादलों से
भरा हुआ है आकाश।

४
लक्ष्य
निर्धारित करता है
आने वाले कल की
दिशाएँ
और
नए संसार का
अभिकल्प।

५
श्री कृष्ण
जन्मोत्सव
ह्रदय में
उन्माद की आँधी
श्याम बनने की होड़ में
बाल गोपाल
फोड़ रहे हैं
दही हाँडी।

६
फूलों से सजा
हिंडोला
दूध - दही की
बहती गंगा
विविध पकवान
पंचामृत का भोग
भक्ति का बहता सागर
मन हो जाये चंगा।

- शशि पुरवार
२६ अगस्त २०१३

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