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मेरा भारत  
 विश्वजाल पर देश-भक्ति की कविताओं का संकलन  

 

       खुश होता है दिल

जब वतन की बात चलती है तो खुश होता है दिल
जब अमन की बात चलती है तो खुश होता है दिल

देश पर डाले सदा टेढ़ी नजर उस शख्स के
जब दमन की बात चलती है तो खुश होता है दिल

द्वेष, नफरत की भड़कती जा रही इस आग के,
जब शमन की बात चलती है तो खुश होता है दिल

फूल खूशबू बाँटते निस्वार्थ हो ऐसे किसी
जब चमन की बात चलती है तो खुश होता है दिल

अपनी आज़ादी की खातिर चढ़ गये सूली उन्हें
जब नमन की बात चलती है तो खुश होता है दिल

- शरद तैलंग

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