१
छाया में अनुवाद
आओ हम उस
वृक्ष में, डालें पानी–खाद
जो करता है धूप का, छाया में अनुवाद
छाया में अनुवाद, उसी से संभव जीवन
हमें सौंपता वृक्ष, सदा से अपना तन मन
अनुपम यह उपकार, वृक्ष का भूल न जाओ
रखकर समुचित ध्यान, खाद पानी दें आओ
२
अँधियारे का
दोष
सूरज पर उँगली उठा, वे करते परिहास
अँधियारा जिनका रहा, जीवन का इतिहास
जीवन का इतिहास, रहा है जिनका काला
बैठे वे ही आज, लगा कर सच पर ताला
रहे उजाला लील, बने विषधारी अजगर
अँधियारे का दोष, मढ़ रहे वे सूरज पर
३
गुलमोहर
धरती तीखी धूप की, चुभन गई तब भूल
जब उससे झड़कर मिले, गुलमोहर के फूल
गुलमोहर के फूल, बिछी ज्यों लाल चुनर है
हरते भू का ताप, कि कितना नेक हुनर है
गुलमोहर के फूल, सजाकर धरा सँवरती
भूली अपना ताप, हो गयी पुलकित धरती
- राहुल शिवाय
१ फरवरी २०२६