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चाय गरम

सर्दी का आया मौसम
चुहिया ने पी चाय गरम
पीकर तन में गरमी आई
घंटाघर तक दौड़ लगाई

—पूर्णिमा वर्मन

 

चूहे राजा की शादी

चूहे राजा मुझे बताओ
शादी कब करवाओगे
कब सिर पर सेहरा बाँधोगे
शहज़ादी कब लाओगे

मुझको अगर बुलाओगे तो
तोहफ़ा लेकर आऊँगा
भाभी के स्वागत में कोई
गीत खुशी का गाऊँगा

मैं अच्छी सी दावत दूँगा
घर पर तुम्हें बुलाऊँगा
मम्मी के हाथों का हलवा
गरमा-गरम खिलाऊँगा

- सावित्री तिवारी 'आज़मी'

चूहा-बिल्ली

बिल्ली-चूहा चूहा-बिल्ली,
साथ-साथ जब पहुँचे दिल्ली।
घूमे लाल किले तक पहले,
फिर इंडिया गेट तक टहले।
घूमा करते बने-ठने से,
इसी तरह वे दोस्त बने से।

-शेरजंग गर्ग

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