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       बंसीवारे की जय हो

 
मुरलीधर गोपालकृष्ण बंसीवारे की जय हो
मनमोहन कृष्णमुरारी नंददुलारे की जय हो
बंसीवारे की जय हो

भावविभोर हुए पशु-पक्षी, गोप-गोपियाँ सारे
देखें एकटक लीला उनकी, सुध-बुध खो दें सारे
रस बरसे, मन हुलसे ऐसे मनहारे की जय हो
बंसीवारे की जय हो

चीरहरण-माखनचोरी के लीलाधर बनवारी
नंददुलारे, राधा-मोहन, कान्हा रासबिहारी
इंद्रदमन-लीला के गोवर्धनधारे की जय हो
बंसीवारे की जय हो

कंसमार जीता दाऊ संग, बने देवकीनंदन
वसुदेव, देवकी, नंद, यशोदा के प्यारे को वंदन
श्री राधे बरसानेवारी के प्यारे की जय हो
बंसीवारे की जय हो

राधे-राधे कहना सबसे या फिर जय श्रीकृष्ण
जपना अष्टाक्षर नित मन में, रखना राधे-कृष्ण
जय बोलो 'गिरिराजधरण की', जयकारे की जय हो
बंसीवारे की जय हो

- आकुल
१ सितंबर २०२६

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