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       कृष्ण प्रिय हैं

 
कृष्ण प्रिय हैं हर नगर हर ग्राम में
शक्ति है देखो बहुत इस नाम में

पूर्ण कर लेते मनौती मन्नतें
ध्यान सब धरते सुबह और शाम में

भूलते बिल्कुल नहीं भगवान को
याद रखते हैं सभी हर काम में

प्रिय बहुत हैं गोपियों के कृष्ण जब
हर जुबां पर नाम गोकुल धाम में

बाँसुरी की धुन सभी मन मोहती
फल बहुत है भावना निष्काम में

कष्ट हर लेता सभी हरिनाम है
है नहीं शंका किसी परिणाम में

- सुरेन्द्रपाल वैद्य
१ सितंबर २०२६

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