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होली की शुभकामना
 
होली की शुभकामना सुखी रहे परिवार
जीवन में अविरल मिले खुशियों के उपहार

मन फिर हुरियाने लगा होली आई पास
मादक महुआ गंध से बौराया मधुमास

रंग बिरंगी चिट्ठियाँ होली के संदेश
बाँटे फागुन बावरा मौसम के आदेश

होली की इस भीड़ में खोज रहे अविराम
अपनी-अपनी राधिका अपने-अपने श्याम

मन से वृंदावन हुआतन से यमुना तीर
सूरदास जैसा लगागाता हुआ फकीर

तन मन अपना रंग लोभूलो कष्ट तमाम
बाँच सको तो बाँच लोहोली का पैगाम
.
- रघुवीर शर्मा
१ मार्च २०२६

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