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ऐसी होली सखे

श्याम तन श्याम मन श्याम गायेंगे हम
ऐसी होली सखे अब
मनायेंगे हम

ग्वाल बाला सभी रास लीला करें
ब्रजकिशोरी सभी राधिका बन फिरें
श्याम चरणों में ढोलक बजायेंगे हम
ऐसी होली सखे अब
मनाएँगे हम

हर दिशा फागुनी फागुनी व्योम हो
हर्ष उत्सुक सदा रोम ही रोम हो
पुष्प टेसू के मिलकर लुटायेंगे हम
ऐसी होली सखे
मनाएँगे हम

हर गली हो गलीचा बना फूल का
बीज उग ही न पाये कहीं शूल का
होलिका नफरतों की जलायेंगे हम
ऐसी होली सखे
मनाएँगे हम

चंग ढोलक बजे नित्य ही द्वार पर
मन थिरकने लगें रंग बौछार पर
श्याम चरणों में नूपुर बँधायेंगे हम
ऐसी होली सखे
मनाएँगे हम

प्रीत का रंग दिल पर चढ़े जो कभी
मिट न पाये मिटाने से फिर वो कभी
प्रेम गंगा में डुबकी लगायेंगे हम
ऐसी होली सखे
मनाएँगे हम

- पुष्प लता शर्मा
१ मार्च २०२०

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