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होशियार रहना

बदली बयार तन में खुमार है
होशियार रहना

शुभ हो होली का सुप्रभात
होलिका पी गयी ताप-घात
पर ऋतु-वर्तन की विषम मार है
होशियार रहना

दिन घाम-घाम सुरसुरी शाम
थोड़ा धोखा लग गया काम
कंपकपी ठण्ड चढ़ता बुखार है
होशियार रहना

फिर नहीं सुहाए राग-रंग
रोली-अबीर ठंडई भंग
उपदेशों की लम्बी कतार है
होशियार रहना

मैं भुगत रहा हूँ यह प्रसंग
पट-बंद हुई सारी उमंग
पट-बीच किन्तु छोड़ी दरार है
होशियार रहना

- अमिताभ त्रिपाठी
१ मार्च २०१७

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