सोंधी गंध महकती हिंदी


गरमी में पहली बरखा सी
सोंधी गंध महकती
हिन्दी

चमकीला चुँधियाता रस्ता
शब्दों का गलियारा सस्ता

आगे-पीछे लगीं दुकानें
फिर भी नहीं बहकती
हिन्दी

मुक्त गगन में खुल कर उड़ती
देशी-परदेशी से जुड़ती

भाषाओं के मेले में ज्यों
चिड़िया-भाँति चहकती
हिन्दी

हिन्दी भाषा माँ समान है
भाषा देशों की कमान है

आडंबर की आग बुझाओ
सुन्दर सहज सरसती
हिंदी

- मानोशी    
१ सितंबर २०१५

 

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