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          पर्व शुरू नवरात्र

 
चंद्र माह आश्विन शुभद, शारदीय नवरात
सब ढोलक की थाप पर, थिरकें चिंता त्याग
आदिशक्ति माँ पुँज का, पर्व शुरू नवरात्र
गरबे ही गरबे सजे, हँसमुख सारे पात्र
झाँझों पर ताल बजी गरबे की थाप सजी
गरबा नृत्य गतिमान, सकल भारत की शान

कल शब भर नाचा किये, तनिक हुये बिन त्रस्त
मस्ती करने आज फिर, आ धमके अलमस्त
टोली ने नर्तकों की, अद्भुत किया कमाल
जड़-चेतन सब हो गये, पल में मालामाल
नाच नाच नार थकी, कदम की न ठुमक रुकी
नवम रूपदेवी स्तुति, साधना सिद्धि विधान

चणिया, चोली, केडिया, सुन्दर सब परिधान
गरबे के रँग में रँगा, सारा हिंदुस्तान
भक्तों का ताँता लगा, मंदिर और चौपाल
खैलैया तैयार हैं, कजरा, गजरा डाल
झूम रहे धरा व्योम, पुलकित है रोम रोम
डाँडिया गरबा विलय, नृत्य अति उर्जावान

- ओम प्रकाश नौटियाल
१ अक्टूबर २०२६

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