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         देवी अर्चन पर्व

 
१
आता आश्विन मास में, देवी अर्चन पर्व
नवल रूप नौ दिन धरे, कष्ट निवारण सर्व

२
सज जाते हैं भव्य अति, देवी के पंडाल
दुर्गा माँ आशीष दे, भक्त रहें खुश हाल

३
माटी के सुंदर कलश, मध्य गर्भ लौ दीप
जीवन उद्गम चक्र ये, जैसे मुक्ता सीप

४
रंग रंगोली अल्पना, द्वारे बंदनवार
गायन कीर्तन नृत्य का अनुपम यह त्योहार

५
मिलकर जब सब नाचते, हो कर भाव विभोर
दीप परिक्रमा अर्चना,खुशियाँ भरे हिलोर

६
रास डांडिया नृत्य जब, करतें हैं नर नार
समय अलौकिक दृश्य ये, मातु शक्ति उपहार

७
पहनावे बहुरंग के, आभूशन चमकार
शोभनीय पंडाल ज्यों, इन्द्र देव दरबार

- ज्योतिर्मयी पंत
१ अक्टूबर २०२६

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