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गाँव में अलाव
जाड़े की कविताओं को संकलन

गाँव में अलाव संकलन

सर्दी का मौसम

सर्दी का मौसम है आला
कर देता जग को मतवाला
तन में तरंग मन में उमंग
भर देता है जीवन में रंग

सुहाना मौसम अलबेला
लगा त्यौहारों का मेला
मनायें धूमधाम से जश्न
उठायें जी भर के आनंद

जगमग दीपों की दीवाली
लाती घर घर में खुशहाली
सिखलाये रमज़ान महीना
प्रेम और संयम से जीना

पावन क्रिसमस खुशियाँ लाता
नया साल नव स्फूर्ति जगाता
लोढ़ी में नाचें और गायें
पोंगल और संक्रान्ति मनायें

मधुवन में छाया है यौवन
फूलों ने महकाया उपवन
डाल डाल पर भँवरे गूँजें
फूल फूल को तितली चूमे

जाड़े का अनुभव है अनुपम
संग में हों जब प्यारे प्रियतम
तन में तरुणाई छा जाये
हर लम्हा स्वर्णिम बन जाये

- कविता सिन्हा

   

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