जीत निश्चित है हमारी

 

 
जीत निश्चित है करोना से हमारी
यदि लड़ें हम सब लगाकर शक्ति सारी

दृढ़ करें विश्वास देगी साथ सत्ता
झूठ की अफवाह सौ-सौ बार हारी

देशद्रोही चल रहे चालें कुचालें
एक गलती बन न जाये भूल भारी

वासना से कामना से याचना से
साधना से जय करें हम प्राण-धारी

मौत बौनी आत्मबल के सामने है
राष्ट्र मंदिर हम पुनर्जन्में पुजारी

आज फिर संकल्प लें जयघोष करके
सांस अंतिम तक रहेगा युद्ध जारी

देश ऋषियों और मुनियों का तपाया
कृष्ण द्वैपायन वही मोहन मुरारी

- उमा प्रसाद लोधी
१ जून २०२०
 

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