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        चैत्र के उत्सव वाले दिन

 
लगे तैरने सभी स्वप्न में उत्सव वाले दिन
चैत्र के उत्सव वाले दिन

चैत्र चेतुओं के जीवन का है पहला उत्सव
यौवन पाते रहे सभी पीकर श्रम का आसव
नहीं दृष्टि पथ में दिखते
मेहनतकश वाले दिन

मुड़े पृष्ठ देखे संस्कृति के कहाँ गुड़ी पड़वा
सम्वत्सर के स्वागत में है कहाँ पुड़ी हलवा
विक्रम संवत के विक्रम
अभिनंदन वाले दिन

राम भक्त टकटकी लगाकर देख रहे सारे
रामजन्म का उत्सव होगा घर मन्दिर द्वारे
क्या नसीब ना हो पाएँगे
दर्शन वाले दिन

किन्तु ध्वंस की छाती पर फिर फूटेंगे अंकुर
रोयेगा खुद ही कोरोना सुन साहस के सुर
निश्चित पुनः देख पाएँगे
उत्सव वाले दिन

- गिरि मोहन गुरु
१ अप्रैल २०२१

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