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        चैत का महीना

 
मधुऋतु में - आता है जैसे
चैत का महीना

गुड़ी पड़वा से चालू होता
नया साल है
कई -कई रंगों में ट्यूलिप
टेसू लाल है
उत्सव में - लट्ठ भाँज रहे
लठैत का महीना

आम्रकुंज में देखिए
कितनी बौर लगी है
देख बसंत का रूप
नटी भी ठगी-ठगी है

फूलों पे- डोरे डालते
डकैत का महीना

- अविनाश ब्यौहार
१ अप्रैल २०२६

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