एक पियाली चाय

 

 
सर्दी के मौसम में भाती
अदरक वाली चाय
मन से मन का मेल कराती
एक पियाली चाय

छोटा बड़ा नगर हो या फिर
गाँव हाट का मेला
भारत के कोने-कोने में
मिले चाय का ठेला

कोई पीता गोरी-गोरी
कोई काली चाय

पाकर उनका नेह निमंत्रण
पहुँचे दिल के द्वारे
मन में छुपे हुए सपनों ने
नभ में पंख पसारे

नाजुक-नाजुक हाथों ने जब
कप में डाली चाय.

रिमझिम सावन की बूँदों ने
की तबियत लासानी
मिले चाय के साथ पकौड़े
आया मुँह में पानी

उनके साथ बैठकर हमने
पी मतवाली चाय

- बसंत कुमार शर्मा
१ जुलाई २०२०

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