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         जलजीरा हर शाम

 
बौर आम के हो गए छोटे कच्चे आम
संग पुदीना पी रहे जलजीरा हर शाम

जलजीरा पीते रहो हवा चली है गर्म
गर्मी को ठंडा करे पेट रहेगा नर्म

दिखने में बढ़िया लगे पीने में भी नीक
काम दवाई का करे हो जाओगे ठीक

भरी दोपहर सड़क पर ठेले दिखें अनेक
हरा पुदीना आम का मटका लगता नेक

स्वागत करिए अतिथि का जलजीरे के साथ
स्वाद बढ़ाए प्रेम का और निभाए स्वास्थ

- सीमा वर्मा
१ मई २०२६

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