गरम जलेबी

 

 
पापा गरमा गरम जलेबी
लेकर आये हैं

मुनियाँ ने पहचानी उनके
पैरों की आहट
मम्मी के मुखड़े पर आई
मीठी मुस्काहट
दादा तो दरवाजे से ही
आ पछियाए हैं

गंध मिली तो दादी जी का
पत्ता मन डोला
ताक रहीं थीं गरम जलेबी
वाला वह झोला
मुन्ना के हाथों संदेशे
दो भिजवाये हैं

गरम जलेबी मम्मी ने जब
सबको खिलवाई
ऊपर चढ़ी साँस थी सबकी
तब नीचे आई
चेहरों पर खुशियों के परचम
अब लहराए हैं

- प्रभुदयाल श्रीवास्तव
१ अप्रैल २०२२

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