मीठी खुशबू आयी

 

 
बीच चौक बाजार पुराना
मीठी खुशबू आयी
छान रहा है गरम जलेबी
तोंदूमल हलवाई

गोल-मोल सी गड्ड-मड्ड ज्यों
मास्टर जी के पाठ
लेकिन इसको खाकर भैया
हो जाते हैं ठाठ

गिन गिन कर माँ देती सबको
ताकि न छिड़े लड़ाई

अच्छे नम्बर जो लाता वो
पाता ज्यादा एक
उस बच्चे को भी मिल जाती
काम करे जो नेक

एक जलेबी के लालच में
करते खूब पढ़ाई

रस भरता है इसमें कैसे
समझ न आये बात
देख जलेबी सोचा करते
हम ये ही दिन रात

राज़ भले चाहे जो हो पर
लगती स्वाद मिठाई

दही जलेबी खाते कुछ तो
कुछ रबड़ी के साथ
खाते खस्ते संग मज़े से
पंडित दीनानाथ

उसके ऊपर दोना भर के
पीते दूध मलाई

- निशा कोठारी
१ अप्रैल २०२२

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