रस भरी जलेबी

 

 
गरम जायकेदार रस भरी
जलेबियों का
स्वाद निराला

दद्दू लें चर्चा में हिस्सा
कहें लड़कपन का वह किस्सा
रोज जलेबी छक के खाई
भर दोना दस
पैसे वाला

यों तो सब दीवाने जिसके
हर घर-नुक्कड़ चर्चे उसके
टेढ़ा-मेढ़ा रूप है उसका
पर मिठाइयों में
वह आला

लगे सुबह संडे की प्यारी
आती जलेबियों की बारी
कोई संग दही के खाता
और किसी ने
दूध में डाला

- आभा खरे
१ अप्रैल २०२२

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