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          महक रहा है

 

 

महक रहा है
भीनी भीनी खुशबू से गुलदान
रजनीगंधा के फूलों से सुरभित
हुआ मकान

मेरे जन्म दिवस पर तोहफा लाई मेरी बहना
उसकी नजरों में है ये सबसे सुंदर ही गहना
मुझको इन फूलों में दिखती
उसकी मृदु मुस्कान

जाने कितने जतन किए होंगे इन को लाने में
ख़ाक बगीचों की छानी होगी इन को पाने में
मुश्किल से मिल पाई होगी
इनकी एक दुकान

हरे बदन पर साड़ी पहने जो सुंदर एक गोरी
बदन छरछरा कद लंबा लगती आकर्षक छोरी
घर में आने वालों का
जाता उस पर ही ध्यान

- शरद तैलंग
१ सितंबर २०२१

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