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टेसू तुम क्यों लाल हुए

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टेसू तुम क्यों लाल हुए?
फर्क न कोई तुमको पड़ता
चाहे कोई तुम्हें छुए

आह कुटी की तुम्हें लगी क्या?
उजड़े दीन-गरीब
मीरां को विष, ईसा को
इंसान चढ़ाये सलीब
आदम का आदम ही है क्यों
रहा बिगाड़ नसीब?
नहीं किसी को रोटी
कोई खाए मालपुए

खून बहाया सुर-असुरों ने
ओबामा-ओसामा ने
रिश्ते-नातों चचा-भतीजों ने
भांजों ने, मामा ने
कोशिश करी शांति की हर पल
गीतों, सा रे गा मा ने
नहीं सफलता मिली
'सलिल' पद-मद से दूर हुए

-संजीव सलिल
२० जून २०११

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