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अमलतास के फूल





 

अमलताश के फूल तुम्हारी
मधुर सादगी के लिये
इन ताज़ा मुस्कानों जैसी
स्वर्णिम ज़िंदगी के लिये

अमलताश के फूल नहीं ये
बच्चे हैं ठिठोली करते
जीवन की इस बगिया को
निर्मल सी हँसी से भरते

अमलताश के फूलों जैसा
जीवन खुशियों से भर जाए
एक दो पत्तियों जैसा
दुख बस थोड़ा सा रह जाए

तुषार जोशी
16 जून 2007

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