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मंजु मिश्रा

जन्म: उत्तर प्रदेश के लखनऊ नगर में।

कानपुर विश्व विद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर शिक्षा। सालों से घर परिवार और व्यावसायिक व्यस्तताओं के चलते लिखने और पढ़ने से दूर सी हो गयी थी। इस दौरान साहित्य से प्रेम प्राथमिकताओं की सूची में शायद सबसे आखिरी पायदान पर पहुँच गया था। लेकिन शत-शत धन्यवाद मेरे पति को जिन के सहयोग और उत्साहवर्धन ने मुझे फिर से जोड़ दिया हिंदी और सहित्य से।

संप्रति : कैलिफोर्निया में स्वतंत्र लेखन

ई-मेल- manjumishra@gmail.com

 

अनुभूति में मंजु मिश्रा की रचनाएँ-

नई क्षणिकाओं में-
चलो बैठो और सुनो

क्षणिकाओं में-
हताशा और निराशा

संकलन में-
दीप धरो- आठ क्षणिकाएँ
होली है- फागुन आया

होली है- रंग बरसे (हाइकु)

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