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  नया साल बन सके पुरोहित

 
नया साल बन सके पुरोहित
साँसों को यजमान बनाए
हास दे सके अधर अधर को
उल्लासों के सुमन खिलाए
.
खिलखिल खिल मन नलिनी शतदल
दे नीलिमा छत्र सिर पर धर
लाल लालिमा जवाकुसुम की
सके श्यामता 'मावस की हर
शरत्पूर्णिमा की रजनीशी
चटक चाँदनी गले लगाए
नया साल बन सके पुरोहित
साँसों को यजमान बनाए
.
नव आशा ले करें अर्चना
श्रम-सीकर अँजुरी में भरकर
सफल साधना स्नेह सुवासित
पुष्पा दे जीवन सुगंध भर
किरण करों से भुवन भास्कर
सुख-समृद्धि हित यज्ञ कराए
नया साल बन सके पुरोहित
साँसों को यजमान बनाए
.
जग-जीवन की सुखकर सुषमा
दसों दिशा राजीव खिलाए
राज बहादुर करे धरा को
शांति निकेतन कर हर्षाए
विहँस जीव संजीव हो सके
हो प्रबुद्ध बुद्ध हो पाए
नया साल हो सके पुरोहित
साँसों को यजमान बनाए

- संजीव वर्मा सलिल
१ जनवरी २०२६

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