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झूम रहा है साल |
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उत्सव, मस्ती, जश्न में, झूम
रहा है साल
अभिनन्दन, वंदन करे, पूछें सबके हाल
ओला, पाला धुंध से, घिरा नया है साल
फसल सभी चौपट हुई, है किसान बेहाल
सबका हो मंगल, सुखद, करना तुम नव-साल
खुशियों की तारीख से, गढ़ना हर दिन, काल
विगत कलेंडर फेंक दो, रखो नए घरबार
खुशियों की तारीख से, सुखमय हो संसार
रंग लिए नव चाह के, आया है नववर्ष
रंग मानव को रंग में, लुटा रहा है हर्ष
आँख खुली, अध-रात जब, देखा नूतन साल
दिखे नशे में झूमते, करते लोग धमाल
- डॉ मंजु गुप्ता
१ जनवरी २०२६ |
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