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मेरा भारत 
 विश्वजाल पर देश-भक्ति की कविताओं का संकलन 

 

कैसी आजादी है


कैसी आज़ादी है
सरहद से पूछो
कितनी बर्बादी है


यह नेता क्या जाने
वीर सिपाही का
साहस ना पहचाने


अर्जुन सा वार करें
दुश्मन टोली का
सैनिक संहार करें


दुश्मन से जूझ जरा
दृढ़ता सैनिक की
पर्वत से पूछ जरा


आज़ादी पाई है
कितने वीरों ने
निज जान गँवाई है


जयघोष सुनाना है
सारा जग सुन ले
अब देश बचाना है


जब पहने रोता है
बेटा सैनिक का
वर्दी से छोटा है


सीमा पर ध्यान धरो
जन गण भारत के
सैनिक का मान करो


माँ धीर ज़रा धरना
गर हम लौटें ना
नित याद हमें करना

१०
इक रीत निभानी है
गाथा वीरों की
हर रोज़ सुनानी है

-शशि पाधा
१२ अगस्त २०१३

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