हमको बुलाया चाय पर

 
आपने हमको बुलाया चाय पर
लम्हा जैसे थम गया था चाय पर

छोड़िये मुद्दे सियासी जो भी है
इश्क हो मुद्दा हमारा चाय पर

कीमती प्याली में चाहे पानी हो
साथ हमको देखे दुनिया चाय पर

दावतें दी है रकीबों को मगर
हमको तो जब भी बुलाया चाय पर

चाय के स्टॉल पर हम-तुम मिले
इश्क़ का चर्चा चला था चाय पर

- नितिन जैन
१ जुलाई २०२०

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