अंजुमनउपहार कविकाव्य चर्चाकाव्य संगमकिशोर कोनागौरव ग्राम
गौरवग्रंथ दोहेरचनाएँ भेजेंनई हवा पाठकनामा पुराने अंकसंकलन
हाइकु हास्य व्यंग्यक्षणिकाएँदिशांतरसमस्यापूर्ति

 

अनुभूति में रामेश्वर कांबोज हिमांशु की रचनाएँ--

नई रचनाएँ—
इस शहर में
इस सभा में
गाँव अपना
तुम बोना काँटे
दिन डूबा
 

हास्य व्यंग्य में—
कर्मठ गधा
कविजी पकड़े गए

पुलिस परेशान

दोहों में—
गाँव की चिट्ठी
वासंती दोहे

कविताओं में—
ज़रूरी है
बचकर रहना
बेटियों की मुस्कान
मैं घर लौटा

मुक्तकों में—
सात मुक्तक

क्षणिकाओं में—
दस क्षणिकाएँ

गीतों में—
आ भाई सूरज
इस बस्ती मे
उजियारे के जीवन में

उम्र की चादर की
कहाँ गए
धूप की चादर
धूप ने
उदास छाँव
आसीस अंजुरी भर
लेटी है माँ

संकलन में—
नई भोर
नया उजाला

  दस क्षणिकाएँ

जनता है हैरान
कल जिसने जोड़े थे
घर-घर जाकर हाथ
वही खींचती कान।

राजनीति में अगर
अपराधी नहीं आएँगे
तो अपराध रोकने के
गुर कौन बताएँगे?

स्वामी जी यजमान के लिए
संकटमोचन यज्ञ करा रहे हैं
और खुद तिहाड़ जा रहे हैं।

समाधान हो जब असंभव
आयोग बिठाइए
पेचीदे मामले
बरसों तक लटकाइए।

वे अपराधियों को इस बार
पार्टी से निकालेंगे
लगता है सारा कीचड़
किसी गंगा में डालेंगे।

सफ़ाई अभियान में उन्होंने
कमाल कर दिखाया
अपने घर का कूड़ा
पड़ोसी के घर के आगे फिकवाया।

जब हो खाली
काम न धंधा
रसीद छपवा
माँग ले चंदा।

फ़ाइल
अंगद का पाँव बन गई
बिना खाए-पिए
हिलती नहीं
लाख ढूँढ़ो
सामने रखी होने पर भी
मिलती नहीं।

वे परिवर्तन के दौर से
गुज़र रहे हैं
रात-दिन अपनों का
घर भर रहे है।

१०

डॉक्टर झोलाराम
जब से इलाज करने लगे हैं
जिन्हें बरसों जीना था
बे-रोक-टोक मरने लगे हैं।
आबादी घटाकर
पुण्य कमा रहे हैं
बिना टिकट बहुतों को
स्वर्ग भिजवा रहे हैं।

१६ मई २००५

इस कविता पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमनउपहारकविकाव्य चर्चाकाव्य संगमकिशोर कोनागौरव ग्रामगौरवग्रंथदोहेरचनाएँ भेजें
नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलनहाइकुहास्य व्यंग्यक्षणिकाएँ दिशांतरसमस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है