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अनुभूति में हिमांशु कुमार पांडेय की रचनाएँ-

कविताओं में-
क्रूर आलोचक
कहाँ कहाँ डोलूँगा
दुर्घटना
तुम्हारा स्पर्श
पहाड़ के उस पार
लंबा ख़त
मैंने कविता लिखी

  तुम्हारा स्पर्श

तुम्हारा स्पर्श
शून्य-नेत्रों से गिरी बूँद
रश्मि-स्रोतों से प्रथम साक्षात्कार
दीर्घ-साधना की अनन्य उपलब्धि

तुम्हारा स्पर्श
आत्म का स्फुरण विशुद्ध
चेतना-कंठ में कम्पित प्रार्थना-स्वर
अचेतस को तत्क्षण चेतस-बुद्धि।

तुम्हारा स्पर्श
पुष्प-कलि के विकसन का आमोद
स्थैर्य को निरन्तरता का सूत्र
आनन्द की विभोरता का लघु-प्रहसन

तुम्हारा स्पर्श
रूठेपन का मधु-स्मित-अनुरोध
सहज भाव-नर्तन का चित्र-विचित्र
'मैं'-'तुम' विलयन का सहज संचरण।

२९ सितंबर २००८

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